शिल्प परियोजना के माध्यम से कृषि क्षेत्र में तकनीक का विस्तार

हरदा में मिट्टी परीक्षण वाहन शुरू, किसानों को मिल रही वैज्ञानिक खेती की जानकारी

खंडवा/हरदा। किसानों को वैज्ञानिक खेती एवं मिट्टी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, खंडवा द्वारा “शिल्प (सॉइल हेल्थ इनिशिएटिव फॉर लाइवलीहुड प्रमोशन)” परियोजना के अंतर्गत हरदा जिले में चलित मिट्टी परीक्षण अभियान प्रारंभ किया गया है। इस पहल के माध्यम से किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच कर उन्हें उर्वरता, पोषक तत्वों तथा संतुलित उर्वरक उपयोग संबंधी वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरुण रमेश जोशी के मार्गदर्शन में प्रारंभ की गई इस परियोजना का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ते हुए उनकी खेती की लागत कम करना, उत्पादन बढ़ाना तथा मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार लाना है। अभियान के अंतर्गत “मिशन हैप्पी हरदा” के तहत संचालित रमन चलित मिट्टी परीक्षण वैन विभिन्न गांवों में पहुंचकर किसानों के खेतों से मिट्टी के नमूने एकत्र कर मौके पर ही जांच कर रही है।

यह परीक्षण अत्याधुनिक सॉइल एक्स-रे सेंसर तकनीक द्वारा किया जा रहा है, जो इसरो द्वारा विकसित तकनीक पर आधारित है। जांच के पश्चात किसानों को तुरंत रिपोर्ट प्रदान की जा रही है, जिसमें मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों की स्थिति, आवश्यक उर्वरकों की मात्रा तथा संतुलित खाद उपयोग संबंधी सुझाव शामिल हैं।

अभियान के दौरान बालागांव, बुंदड़ा, नायता, चारखेड़ा, पानतलाई, फूलड़ी, धनगांव, कनगांव एवं मसंगांव सहित कई गांवों में किसानों को मिट्टी परीक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई गई। किसानों को बताया गया कि अत्यधिक रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता और प्राकृतिक संतुलन प्रभावित हो रहा है, जिससे उत्पादन क्षमता एवं मानव स्वास्थ्य दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस पहल से किसानों को गांव स्तर पर ही मिट्टी परीक्षण सुविधा उपलब्ध होने से समय एवं खर्च दोनों की बचत होगी। साथ ही वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा मिलेगा और कृषि उत्पादन में गुणवत्ता एवं वृद्धि सुनिश्चित हो सकेगी।

इस अभियान में डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, खंडवा के वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों एवं क्षेत्रीय समन्वयकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम के सफल संचालन में विश्वविद्यालय की रिसर्च एवं कृषि टीम का विशेष सहयोग रहा।

यह परियोजना कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Apply Now Enquiry Now WhatsApp Now