खंडवा। डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, खंडवा में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित पाँच दिवसीय दीक्षारंभ (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम का शुभारंभ उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। कार्यक्रम के प्रथम दिवस विद्यार्थियों का पुष्प भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया तथा उन्हें विश्वविद्यालय के विजन, मिशन, शैक्षणिक गतिविधियों, अनुशासन, उपलब्ध सुविधाओं एवं परिसर की कार्यप्रणाली से परिचित कराया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. अरुण रमेश जोशी तथा अध्यक्षता कुलसचिव श्री रवि चतुर्वेदी ने की। अपने स्वागत उद्बोधन में कुलसचिव श्री रवि चतुर्वेदी ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को रोजगार दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार सृजक (उद्यमी) बनाना है। उन्होंने विद्यार्थियों से नवाचार, नेतृत्व क्षमता और उद्यमिता की भावना विकसित करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय की स्थापना निमाड़ अंचल के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) के अनुरूप विद्यार्थियों को अनुभव आधारित शिक्षा, उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण और व्यक्तित्व विकास के अवसर प्रदान कर रहा है, जिससे उन्हें बड़े महानगरों की ओर पलायन किए बिना ही उत्कृष्ट शिक्षा और करियर के अवसर प्राप्त हो सकें।
कुलपति डॉ. अरुण रमेश जोशी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षारंभ कार्यक्रम केवल औपचारिक परिचय नहीं, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत शुरुआत है। उन्होंने विश्वविद्यालय में उपलब्ध अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, शोध एवं नवाचार केंद्रों, इंटर्नशिप कार्यक्रमों, उद्योगों से सहयोग, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को इन अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों, शैक्षणिक प्रक्रियाओं, शोध गतिविधियों, नवाचार एवं स्टार्टअप अवसरों तथा 75 प्रतिशत अनिवार्य उपस्थिति के महत्व से भी अवगत कराया गया। साथ ही उन्हें अनुशासित, जिम्मेदार एवं समाजोपयोगी नागरिक बनने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो. गौरव सोनी एवं सुश्री सोनी द्वारा किया गया। दीक्षारंभ कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक वातावरण से परिचित कराना तथा उनके समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए प्रेरित करना रहा।