डीआईजी शिमाला प्रसाद ने विज्ञान प्रतिभाओं को किया सम्मानित, रमन विज्ञान पर्व में दिखा नवाचार का उत्स

खंडवा। डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, खंडवा में आयोजित रमन विज्ञान पर्व उत्साह और नवाचार के वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में निमाड़ अंचल के 32 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लेकर 250 से अधिक विज्ञान मॉडल प्रस्तुत किए और अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विज्ञान, अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और कौशल विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित इस पर्व ने विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक सोच प्रदर्शित करने का मंच प्रदान किया।

उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय, खरगोन के कुलगुरु डॉ. मोहनलाल कोरी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विकास और प्रगति का महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन इसका उपयोग मानवीय मूल्यों, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच विकसित कर अनुसंधान एवं नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. अरुण जोशी ने की।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में निमाड़ क्षेत्र की डीआईजी शिमाला प्रसाद ने विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र वितरित किए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विज्ञान और एआई आधारित तकनीकों की समझ विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करती है। डीआईजी शिमाला प्रसाद ने एआई मोबाइल वैन और विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया तथा विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मॉडलों की सराहना की।

रमन विज्ञान पर्व का एक महत्वपूर्ण आकर्षण क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय और डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के बीच शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए हुआ समझौता ज्ञापन (एमओयू) रहा। इस सहयोग के माध्यम से दोनों विश्वविद्यालय संयुक्त शैक्षणिक गतिविधियों और शोध कार्यों को नई गति प्रदान करेंगे।

आयोजन के दौरान ब्राह्मी लिपि, प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण तथा भारतीय ज्ञान परंपरा विषयक कार्यशाला भी आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों को भारतीय विरासत और ज्ञान-संस्कृति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अनिल तिवारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। रमन विज्ञान पर्व ने विद्यार्थियों में विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के प्रति रुचि जागृत करने के साथ-साथ उन्हें नई तकनीकों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


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