खंडवा। डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, खंडवा में विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत एक भव्य संयुक्त आयोजन सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर डॉ. आंबेडकर जयंती का आयोजन करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई, साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता मिशन 2026–2035” का लोकार्पण एवं रमन उत्कृष्टता पुरस्कारों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में कुलाधिपति डॉ. संतोष चौबे मुख्य अतिथि एवं मार्गदर्शक के रूप में उपस्थित रहे और पूरे आयोजन का केंद्रबिंदु रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. आंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं सरस्वती वंदना कर किया गया। अपने उद्बोधन में कुलाधिपति श्री संतोष चौबे ने डॉ. आंबेडकर के विचारों को आधुनिक भारत के निर्माण में अत्यंत प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा डॉ. आंबेडकर ने देश को प्रगतिशीलता, समानता और सामाजिक न्याय का मार्ग दिखाया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कबीर और बाबासाहेब के विचारों में गहरी समानता है, जो एक सुदृढ़ एवं समतामूलक समाज के निर्माण की दिशा प्रदान करते
हैं। कार्यक्रम के अगले चरण में कुलाधिपति श्री चौबे ने विश्वविद्यालय की अभिनव पहल “कृत्रिम बुद्धिमत्ता मिशन 2026–2035” दस्तावेज का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आज के समय का सबसे महत्वपूर्ण विचार है, जिसे नकारा नहीं जा सकता, बल्कि इसे सीखकर और समझकर अपनाना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि AI मानव की मेधा और प्रज्ञा का विस्तार है, परंतु इसके उपयोग की सीमाएं और परिस्थितियां निर्धारित करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे AI के प्रति जागरूकता फैलाएं और इसके संतुलित उपयोग को बढ़ावा दें। इसी क्रम में शैक्षणिक प्रस्तुतियों के अंतर्गत डॉ. सगीर मोहम्मद ने “हैप्पीनेस इंडेक्स” पर अपने विचार रखते हुए एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें विद्यार्थियों के समग्र विकास और मानसिक संतुलन के महत्व को रेखांकित किया गया। वहीं डॉ. अर्चना कुमारी ने IDP एवं परीक्षा प्रणाली से संबंधित एक अंतरिम रिपोर्ट पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से प्रस्तुत की, जिसमें शैक्षणिक सुधारों और मूल्यांकन प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के सुझाव साझा किए गए। आईटी विभाग प्रमुख सुश्री स्वाति अत्रे ने एआई मिशन का विस्तृत परिचय प्रस्तुत करते हुए वीडियो फिल्म के माध्यम से इसकी उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं को दर्शाया। इस मिशन दस्तावेज के लेखन एवं परिकल्पना में कुलगुरु डॉ. अरुण जोशी का मार्गदर्शन तथा कुलसचिव श्री रवि चतुर्वेदी का प्रेरक सहयोग रहा। इस दौरान श्री संतोष चौबे ने आईसेक्ट ग्रुप के अंतर्गत सभी विश्वविद्यालयों के नाम के साथ “आईसेक्ट इंडिया” शीर्षक जोड़ने के निर्देश भी जारी किए। कार्यक्रम के अंतर्गत विश्वविद्यालय के अकादमिक, नॉन-एकेडमिक, सपोर्टिंग स्टाफ एवं कार्यालयीन कर्मचारियों को “रमन उत्कृष्टता पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। विभिन्न श्रेणियों—प्लेटिनम, गोल्ड एवं सिल्वर—में प्राध्यापकों, विभागाध्यक्षों, रिसर्च हेड, कोऑर्डिनेटर्स एवं जूरी सदस्यों को ट्रॉफी एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
कुलसचिव श्री रवि चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय की निरंतर प्रगति के लिए कुलाधिपति के मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त किया और राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता प्राप्त करने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलगुरु डॉ. अरुण जोशी ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने एआई मिशन को भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसे विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए उपयोगी एवं परिवर्तनकारी पहल बताया। कार्यक्रम का संचालन दीपक कौशल एवं डॉ. पूजा शर्मा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन प्रो. नेहा शुक्ला द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्रीमती गीतिका चतुर्वेदी, श्रीमती ज्योति चतुर्वेदी, डॉ योगेश महाजन, डॉ सीमा शर्मा, डॉ शशिकांत शर्मा, अशोक चंद्रावत, दिनेश मीमरोट, अनिल सैनी, उमेश शर्मा सहित अनेक संकाय सदस्य एवं विश्वविद्यालय की बड़ी संख्या में फैकल्टी उपस्थित रही, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ गई।