अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय में
महिला सरपंचों, आशा कार्यकर्ताओं तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान समारोह
आयोजित किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की मुख्य अतिथि चिकित्सक डॉ.
शुभांगी मिश्रा, डॉ. गरिमा व्यास एवं डॉ.
भाग्यश्री शर्मा रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती गीतिका चतुर्वेदी ने की।
महर्षि कर्वे मानविकी, कला एवं भाषा अध्ययनशाला के तत्वावधान में आयोजित
इस कार्यक्रम की थीम “महिलाओं में कुपोषण की समस्या और स्थानीय समाधान” रही।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के 20 गोद लिए गए ग्रामों की महिला सरपंचों,
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा आशा कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम का
शुभारंभ दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना तथा राष्ट्रगीत के साथ हुआ।
मुख्य अतिथि डॉ. शुभांगी मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को
शारीरिक, मानसिक और वैचारिक रूप से सशक्त बनने के लिए अपने पोषण और स्वास्थ्य के
प्रति प्रतिदिन जागरूक रहना आवश्यक है। आज महिलाएं घर, समाज और राष्ट्र के हर
क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा रही हैं, इसलिए समाज के सभी वर्गों की
जिम्मेदारी है कि महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए और उन्हें
जीवन के हर चरण में पर्याप्त पोषण तथा स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने नौकरीपेशा महिलाओं के साहस और परिश्रम की सराहना भी की।
डाइटीशियन विशेषज्ञ डॉ. गरिमा व्यास ने महिलाओं को स्वस्थ एवं ऊर्जावान
बने रहने के लिए प्रतिदिन अपनाए जाने वाले पोषण और व्यायाम से जुड़े नौ महत्वपूर्ण
बिंदुओं की जानकारी दी। वहीं डॉ.
भाग्यश्री शर्मा ने महिलाओं की बहुआयामी (मल्टीटास्किंग) भूमिका को ध्यान में रखते
हुए पारंपरिक भोजन से मिलने वाले पोषण तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की आवश्यकता
पर अपने विचार व्यक्त किए।
विश्वविद्यालय के शोध एवं नवाचार विभाग की निदेशक डॉ. सीमा शर्मा ने
खाद्य पदार्थों, अरबी के आटे तथा अन्य मिलेट्स पर किए जा रहे परीक्षण, शुद्धिकरण
और उनसे जुड़े शोध एवं पेटेंट की जानकारी दी।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री रवि चतुर्वेदी ने विश्वविद्यालय के रमन
इनक्यूबेशन सेंटर और विज्ञान प्रयोगशाला में खाद्य पदार्थों, अरबी, मिलेट्स तथा
फल-सब्जियों और प्याज के प्रसंस्करण से जुड़े कार्यों की जानकारी देते हुए
अतिथियों को इन इकाइयों के भ्रमण के लिए आमंत्रित किया।
कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. नुसरत शेख रहीं। सहयोगियों के रूप में देवास उइके, जस्सू रावत, सी. के. टेम्बे, रमा साल्वे, नेहा बाजपेयी तथा निश्नेयस व्यास ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विश्वविद्यालय की ए.आर. डेटाबेस श्रीमती ज्योति चतुर्वेदी, महिला प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती ज्योति गौर ने किया तथा आभार ज्ञापन डॉ. सुरभि डिंडोरे ने प्रस्तुत किया।