डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय तथा आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) से किसानों के लिए समृद्धि के नए द्वार खुलने जा रहे हैं। इस समझौते के अंतर्गत हरदा, खंडवा एवं रतलाम जिलों में खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक व व्यावहारिक तरीकों पर शोध किया जाएगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों की उत्पादन लागत घटाते हुए उनकी आय बढ़ाना है, ताकि कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सके। शोध के दौरान आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीज, जैविक खेती, मशीनीकरण, जल प्रबंधन एवं नवाचार आधारित समाधानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
समझौता कार्यक्रम में दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद् एवं शोधकर्ता उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने बताया कि इस शोध से न केवल किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, बल्कि छात्रों को भी कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।
इस अवसर पर कहा गया कि खेती में बढ़ती लागत किसानों की सबसे बड़ी चुनौती है। यदि उत्पादन में कमी लाए बिना लागत घटाई जाती है, तो किसान आर्थिक रूप से सशक्त होंगे। यह संयुक्त प्रयास कृषि क्षेत्र में सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।